Saturday, 18 November 2023

बेला, बेली से गुड़ की भेली तक

बेली से गुड़ भेली तक
संस्कृत में √वेल् (कालोपदेशे) धातु समय मापने, समय की घोषणा करने के अर्थ में है। इसी से शब्द बना है 'वेला' (समय)। वेल, वेला से ही अबेला, कुबेला, बेर, अबेर, कुबेर, बेरी, बिरिया आदि बने हैं।


वेला (समय) से ही एक और शब्द है 'वेली' जो कुमाउँनी में बेली हो गया है। बेली वह छेद वाली कटोरी है जो घड़े के पानी की सतह पर छोड़ दी जाती है। पेंदी के छेद से उसमें धीरे-धीरे पानी भरता है और पूरा भर जाने पर वह डूब जाती है। इतने कालांश को कहा जाता है- एक घड़ी। एक बेली पानी भर जाना अर्थात एक घड़ी (२४ मिनट ) समय बीत जाना। अर्थविस्तार से कटोरी के लिए बेली शब्द हरियाणवी, कुमाउँनी और अनेक भाषाओं में है। ओड़िया में बेला, अवधी और बुंदेली में बेली, बिलिया, बेलवा; मराठी में वेळी। संभवतः अन्य भाषाओं में भी यह शब्द होगा। इसका पुलिंग 'बेला' अर्थात बड़ा कटोरा। कहीं-कहीं बेला केवल काँसे के ऊँचे किनारे के छिछले कटोरे को कहा जाता है।


हमारे विचार से गुड़ की भेली, भेला का संबंध भी √वेल्  > बेली से हो सकता है क्योंकि भेला, भेली के साँचे और आकृति कटोरानुमा होते हैं। हिंदी शब्द सागर में भेला को देशज माना गया है अर्थ है बडा गोला या पिंड; जैसे गुड़ का भेला। इसी का लघु रूप भेली। गुड़ या और किसी चीज की गोल बट्टी या पिंडी ।