लूडो की तरह एक पुराना खेल होता था चौपड़ जिसे चौरस भी कहा जाता है। उसमें गोट आगे बढ़ाने के लिए पासे फेंके जाते थे। लंबे पासे होते थे और प्रत्येक पासे में चार फलकों (साइड्स) पर एक से चार तक निशान बने होते थे। (लूडो के वर्गाकार डाइस के समान 6 नहीं)।
पौ बारह का "पौ" सं॰ पद > पव > पौ (=कदम) से बना है। चौसर के खेल में पासे की एक खास संख्या पर गोट का "घर" से बाहर पौ बढ़ाना , निकलना है। आज भी पौ, पौ पूजना, पौ चलाई जैसे कुछ शब्द प्रचलन में हैं जहाँ पौ का अर्थ पैर, कदम है।
तीनों पासे एक साथ फेंकने पर सबसे बड़ा स्कोर 4 * 3 =12 होगा। इस प्रकार पौ बारह होना का लाक्षणिक अर्थ होगा- घर से कदम निकलते ही अधिकतम मिल जाना। पौ बारह। अधिकतम लाभ।
पुराने खेलों के विलुप्त हो जाने से उनसे जुड़ी हुई ऐसी बीसियों कहावतें और अभिव्यक्तियाँ संदर्भ खो बैठी हैं या विलुप्त हो गई हैं।
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