Monday, 3 February 2025

ओर - और की बात

ओर, तरफ़
'ओर' देखना, जाना जैसी क्रियाओं के साथ दिशा सूचित करने वाला परसर्ग है। इसका अर्थ है किसी दिशा में, तरफ़ । इसके साथ सदा 'की' आता है।
घर की ओर चलो।
पूर्व की ओर लालिमा फैल गई।
किंतु यदि ओर से पहले 'दोनों', 'चारों' आदि संख्या सूचक विशेषण हों तो ओर का प्रयोग पुल्लिंग की भाँति होगा, अर्थात इसके पहले 'की' के स्थान पर 'के' आएगा।
घर के चारों ओर फूल लगे थे।
नदी के दोनों ओर खेत हैं।
और
'और' व्याकरण के अनुसार समुच्चयबोधक/योजक है। अन्य अनेक अर्थ छबियों में भी देखा जा सकता है ; जैसे :
~अभी और लोग आएँगे। (विशेषण)
~कुछ और दीजिए। (क्रियाविशेषण)
~काम भी करो और ताने भी सुनो। (परिणाम)
~मैं और चुपचाप सुनता रहूँ! (विपरीतता या विलक्षणता)
~एक मैं, और एक तुम! (विपरीतता, विरोध)
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