Monday, 11 August 2025

नाम में क्या रखा है

नाम में क्या रखा है
आजकल नएपन की दौड़ में आगे निकलने के लिए प्रायः निरर्थक और हास्यास्पद नए-नए अनेक नाम प्रचलन में हैं। इनमें से अनेक तो महापंडित गूगलानंद द्वारा समर्थित बताए जाते हैं। ऐसे नामों की सूची में कुछ लोग "तनिष्क" की गणना भी करते हैं।

तनिष्क निरर्थक नहीं, नव निर्मित है। संभव है विज्ञापन की भाषा में सायास बन गया हो। हमारा विचार है कि यह तनिष्क दो घटकों से बना 'पोर्टमेंट्यू' शब्द है और सार्थक है। 'निष्क' का अर्थ है सोने का सिक्का, दीनार, अशर्फी। अमरकोष के अनुसार 
दीनारेऽपि च निष्कोऽस्त्री (३.३.१४)
मनुस्मृति में– चतुःसौवर्णिको निष्को (८.१३७)
 चार माशा भार के स्वर्ण को भी निष्क कहा गया है। पंजाबी में इसका अपभ्रंश आज भी विद्यमान है– निक्का (=छोटा सिक्का, पैसा)।

तनिष्क में निष्क से पहले जो /त/ दिखाई पड़ रहा है वह तनिष्क के स्वामित्व वाली कंपनी टाटा के नाम का पूर्वार्ध है- ta ट => त। इसलिए पूरा नाम हो गया तनिष्क। अर्थात टाटा का निष्क (लक्षणा से टाटा कंपनी का स्वर्ण व्यवसाय)। 
इसलिए यदि अशर्फी लाल, स्वर्ण कुमार जैसे नाम हो सकते हैं तो तनिष्क क्यों नहीं!

एक बात और। आवश्यक नहीं कि विज्ञापन बनाने वाली कंपनी के कॉपीराइटर ने उपर्युक्त सारी परिभाषाओं और संभावनाओं पर विचार किया हो। 

एक और संभावना विचारणीय है। शब्द की अंग्रेजी वर्तनी Tanishq के अंत में Guttural /q/ (कंठ्य /क़/) है। इसलिए अधिक बौद्धिक व्यायाम में न पड़ते हुए तनिष्क के सीधे-सीधे दो खंड होंगे– तन (फ़ारसी)+ इश्क़(अरबी), बदन से प्यार। अर्थ संकेत यह कि अपने शरीर से प्रेम करने वाले आभूषणों से अधिक प्यार करते हैं। इस दृष्टि से भी स्वर्ण आभूषणों की निर्माता कंपनी के लिए Tanishq (तनइश्क़) नाम अधिक उपयुक्त लगता है।

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