Friday, 11 October 2024

अपराजिता

अपराजिता : एक पुष्प अनेक नाम
यों तो अपराजिता खर-पतवार की तरह उगने वाली बेल है किंतु उद्यानों की सजावट तथा छतों-बालकनियों के गमलों की शोभा भी है। आर्द्र-उष्ण जलवायु का पादप है और इसका मूल उद्गम इंडोनेशिया माना जाता है।
अपराजिता की प्राचीनता और लोकप्रियता का एक प्रमाण तो इसके अनेक नाम होना है। आकृति, रंग आदि के अनुसार लोगों ने बड़े रोचक नाम दिए हैं।
आकृति के अनुसार- गोकर्ण, शंखकर्ण, शंखपुष्पी , Clitoria ternatea (स्त्री जननांग के समान आकृति के कारण), butterfly pea (तितली फूल), Asian pigeonwings (कबूतर के पंख)। अंग्रेजी में अन्य नाम हैं - bluebellvine, blue pea, butterfly pea, cordofan pea और Darwin pea.
रंग के अनुसार- नीलपुष्प, नीलशंख, नीली।
वैष्णवों के लिए- विष्णु प्रिया, विष्णुकांता, विष्णुवल्लभा।
अपराजिता की एक दूसरी प्रजाति सफ़ेद रंग की भी होती है - जिसे शंखपुष्पी कहा जाता है। आयुर्वेद में शंखपुष्पी को बल-वीर्य वर्धक माना गया है और इससे अनेक दवाइयाँ बनती हैं।
अपराजिता का बायोलॉजिकल नामकरण- "Clitoria" १६७८ में पोलैंड के एक पादप वैज्ञानिक ने किया था। उससे सदियों पहले भावप्रकाश में कुछ यों वर्णन है 
"लताविशेष: श्वेतापराजिता । अस्य पुष्पं योन्याकारं भवति" !
 अर्थात इसका फूल योनि के आकार का होता है।
श्वेत पुष्प वाली अपराजिता को शंखपुष्पी भी कहा जाता है । इसके कुछ अन्य नाम हैं - शेफालिका, जयन्ती, असन, शङ्खिनी, हपुषा, असनपर्णी, गिरिकर्णी, अद्रिकर्णी, नगकर्णी।
अपराजिता का फूल विष्णु, काली, शनि और शिव की पूजा में विशेष रूप से प्रयुक्त होता है। स्कंद पुराण में विजयादशमी के दिन अपराजिता की पूजा का विधान है।
दशम्यां च नरैः सम्यक् पूजनीयाऽपराजिता।
ददाति विजयं देवी पूजिता जयवर्धिनी ॥
पूजा के अतिरिक्त टोने-टोटके और तंत्र साधना में अपराजिता फूल का महत्व बताया जाता है। 
आयुर्वेद में इसके विविध उपयोग हैं। इसे शीतल, कड़वी, पित्त विकार शांत करने वाली, आँख के रोग दूर करने वाली और त्रिदोष (वायु-पित्त-कफ) को शांत करने वाली कहा गया है।
गिरिकर्णी हिमा तिक्ता पित्तोपद्रवनाशिनी । 
चक्षुष्यविषदोषघ्नी त्रिदोषशमनी च सा ॥
आज के वैज्ञानिक स्रोतों के अनुसार भी अपराजिता के फूल में एंटीऑक्सीडेंट्स की भरमार बताई जाती है। इसलिए हर्बल चाय (नीली चाय )के रूप में भी इसका सेवन किया जाता है। कहीं-कहीं चावल (भात) को रँगने के काम भी आती है।

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